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अल्फांसो आम: भारत का सबसे स्वादिष्ट आम

द्वारा Prashant Powle  •  0 टिप्पणी  •   8 मिनट पढ़ें

अल्फांसो आम को महाराष्ट्र में हापुस या हापूस आम कहते हैं। यह कोंकण तट के रत्नागिरी और देवगढ़ इलाके में उगता है, इसका गूदा मुलायम, मीठा और रेशेरहित होता है, और ताज़ा आम फरवरी से जून तक मिलता है। इसे आमों का राजा कहते हैं।

अल्फांसो और हापुस नाम का मतलब

अंग्रेज़ी में जिसे Alphonso mango कहते हैं, उसे हिंदी में अल्फांसो आम या अल्फोंसो आम लिखा जाता है। महाराष्ट्र में यही फल हापुस, हापूस या हापूस आंबा कहलाता है, और कई जगह इसे हाफूस भी लिखते हैं। ये सब एक ही किस्म के नाम हैं। इसलिए जब कोई दुकानदार "हापुस" या "अल्फांसो" कहे, तो असली सवाल नाम का नहीं, बल्कि यह है कि आम कहाँ उगा, कैसे पकाया गया और किस ग्रेड का है।

भारत दुनिया के लगभग 43% आम उगाता है (FAO के आँकड़े, जिनमें मैंगोस्टीन और अमरूद भी शामिल हैं), यानी 2023 में करीब 26 मिलियन टन। आम भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस का राष्ट्रीय फल है, और 13वीं सदी के कवि अमीर खुसरो ने इसे हिंदुस्तान का सबसे उत्तम फल कहा था। इन सब किस्मों में अल्फांसो को सबसे ज़्यादा "आमों का राजा" कहा जाता है।

हम AlphonsoMango.in हैं, जिसे मुंबई की Powle Home Foods चलाती है। हमने 2019 में ऑफ़लाइन बिक्री शुरू की थी और 2020 से ऑनलाइन बेच रहे हैं। ऑफ़लाइन और मार्केटप्लेस सहित हमारे 47,000 से ज़्यादा ग्राहक हैं। यह पेज उसी भाषा में लिखा है जिसमें हम ग्राहकों को समझाते हैं।

नाम और ग्राफ्टिंग की कहानी

इस किस्म का नाम अफोंसो दि अल्बूकर्क के नाम पर पड़ा। आम की कलम बाँधने की तकनीक यानी ग्राफ्टिंग को पुर्तगाली गोवा में जेसुइट मिशनरी लाए थे, यह कहना ठीक नहीं कि अल्बूकर्क ने ग्राफ्टिंग शुरू की। भारतीय समूह की आम किस्में एक बीज से एक ही तरह का फल नहीं देतीं, इसलिए अल्फांसो जैसी नामी किस्में कलम बाँधकर ही बढ़ाई जाती हैं। यह भी सही नहीं है कि हापुस का मतलब "प्यार" होता है, हमें इसका कोई पक्का स्रोत नहीं मिला।

अल्फांसो आम कहाँ उगता है

कोंकण पश्चिमी तट की वह पट्टी है जो अरब सागर और दक्कन के पठार के बीच है। रत्नागिरी इसमें एक ज़िला है, और देवगढ़ सिंधुदुर्ग ज़िले का एक तालुका है। रत्नागिरी और देवगढ़ पट्टी का अल्फांसो भारत में GI टैग प्राप्त है (GI क्रमांक 139)। हमारे पास GI Authorised User certificate AU/5974/GI/139/260 (GI No. 139) है, और देवगढ़ अल्फांसो आवेदन का रजिस्ट्री रिकॉर्ड सार्वजनिक है। हमारा आम रत्नागिरी और देवगढ़ पट्टी के 48 गाँवों से आता है।

GI टैग का मतलब सिर्फ इतना है कि आम किस इलाके में उगा। वह यह नहीं बताता कि आम कैसे पकाया या पैक किया गया। रत्नागिरी और देवगढ़ का अल्फांसो एक ही किस्म है, इसलिए हम दोनों को अलग-अलग लिस्ट करते हैं और कहते हैं कि ग्रेड, फलों की गिनती और डिब्बे का आकार देखकर चुनें, न कि किसी मान ली गई रैंकिंग से। विस्तार से जानने के लिए हमारा अल्फांसो आम GI टैग गाइड और रत्नागिरी और देवगढ़ की तुलना पढ़ें।

स्वाद, रंग और आकार

पका हुआ अल्फांसो मुलायम, मीठा और खुशबूदार होता है। इसका गूदा रसीला, मलाईदार और रेशेरहित बताया जाता है, इसलिए इसे चम्मच से खाया जा सकता है या आमरस में बदला जा सकता है। छिलका पकने पर सुनहरा होता है, पर रंग एक-सा नहीं होता, एक ही फल पर हरा, सुनहरा और हल्की लाली साथ दिख सकती है। यह सामान्य है। रंग से मिठास का अंदाज़ा सिर्फ मोटा संकेत है, कोई सबूत नहीं।

अल्फांसो फल आम तौर पर 150 से 300 ग्राम के होते हैं। हमारी एक दर्जन पेटी का वज़न ग्रेड के अनुसार लगभग 1.8 से 3.3 किलो होता है, इसलिए कीमत तुलना करते समय दर्जन में फलों की गिनती और वज़न ज़रूर पूछें। ताज़ा अल्फांसो हमारी साइट पर प्रति दर्जन 1,849 रुपये से शुरू होता है; अपने चुने आकार की कीमत उत्पाद पेज पर देखें।

अल्फांसो आम का सीज़न

अल्फांसो की तुड़ाई लगभग फरवरी से जून तक होती है, और सबसे अच्छी आपूर्ति मार्च से मई के बीच रहती है। 2027 का सीज़न 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। सीज़न के बाहर हम ताज़ा अल्फांसो नहीं बेचते। उन महीनों के लिए अल्फांसो पल्प टिन पूरे साल उपलब्ध रहते हैं (850 ग्राम और 3.1 किलो), जिनकी शुरुआत 590 रुपये से होती है। आमरस, शेक और मिठाइयों के लिए पल्प काम आता है।

हमारा आम ज़ेला पोल से हाथ से तोड़ा जाता है, जिसके सिरे पर जाली लगी होती है, ताकि फल ज़मीन पर न गिरे। तुड़ाई ब्रह्म मुहूर्त में, यानी भोर से पहले की जाती है। तुड़ाई से पकने तक अल्फांसो को लगभग 15 दिन लगते हैं, इसीलिए सीज़न छोटा लगता है। मौसम की पूरी जानकारी के लिए हमारा आम सीज़न गाइड देखें।

प्राकृतिक तरीके से पकाना

पूरी तरह विकसित आम दो तरह से पकाए जा सकते हैं। या तो वे खुद पकते हैं, जैसे सूखी घास की परत पर कई दिनों में, या उन्हें रसायन से जल्दी पकाया जाता है। कैल्शियम कार्बाइड, जिससे एसिटिलीन गैस बनती है, से पके फल बेचना Food Safety and Standards (Prohibition and Restrictions on Sales) Regulations, 2011 के नियम 2.3.5 के तहत प्रतिबंधित है। एथिलीन 100 ppm तक अनुमत विकल्प है।

हम कार्बाइड का इस्तेमाल नहीं करते। हमारे अल्फांसो आम घास की परत पर प्राकृतिक रूप से पकते हैं।

हिंदी में कहें तो हम कार्बाइड का इस्तेमाल नहीं करते और हमारा अल्फांसो घास की परत पर अपने आप पकता है। कोई घरेलू टेस्ट, जैसे पानी में तैराना, यह साबित नहीं करता कि आम कैसे पकाया गया, यह सिर्फ मोटा संकेत है। सबसे भरोसेमंद तरीका किसी भी विक्रेता से सीधे पूछना है कि आम कैसे पकाया गया। इस पर हमारा कार्बाइड वाले आम की पहचान गाइड पढ़ें।

पोषण और सावधानी

आम के बारे में सामान्य आँकड़े (सिर्फ अल्फांसो के नहीं): 100 ग्राम कच्चे आम में लगभग 36 मिलीग्राम विटामिन C होता है, जो दैनिक मान का करीब 40% है, लगभग 43 माइक्रोग्राम फोलेट (करीब 11%) और लगभग 168 मिलीग्राम पोटैशियम (6%)। आम में प्राकृतिक शर्करा भी होती है। मधुमेह या किसी और स्वास्थ्य समस्या में कितना खाना ठीक है, यह अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से पूछें। विस्तार के लिए अल्फांसो आम के स्वास्थ्य लाभ पढ़ें।

खरीदने से पहले क्या पूछें

  • इलाका: आम किस ज़िले या तालुका में उगा, और क्या विक्रेता GI Authorised User certificate दिखा सकता है।
  • पकाने का तरीका: आम कैसे पकाया गया। साफ जवाब देने वाले से ही खरीदें।
  • गिनती और वज़न: एक दर्जन में कितने फल और कुल वज़न कितना है।
  • डिलीवरी: हम Blue Dart से भेजते हैं, और लगभग 65% भारतीय पिन कोड पर अगले दिन डिलीवरी हो जाती है। अपना पिन कोड चेकआउट पर जाँचें।
  • नुकसान: डिलीवरी के 24 घंटे के भीतर किसी भी नुकसान की सूचना दें।

आम खाने के तरीके जानने के लिए आमरस की रेसिपी और आम की रेसिपी देखें। सीज़न खुलने पर हमारा आम कलेक्शन देखें।

ऑर्डर कैसे करें (चरण-दर-चरण)

  1. चरण 1: उत्पाद और आकार चुनें। रत्नागिरी अल्फांसो आम खोलें और बॉक्स का आकार या दर्जन का विकल्प चुनें (कीमत ₹1,849 से शुरू; आज की कीमत के लिए उत्पाद पेज देखें)।
  2. चरण 2: कार्ट में जोड़ें। Add to cart दबाएं, फिर कार्ट खोलें।
  3. चरण 3: चेकआउट और डिलीवरी। चेकआउट पर अपना डिलीवरी पता और पिन कोड दर्ज करें। हम Blue Dart से भेजते हैं, और लगभग 65% भारतीय पिन कोड पर अगले दिन डिलीवरी हो जाती है। चेकआउट पर अपना पिन कोड जाँचें।

सीज़न के बाहर ताज़ा अल्फांसो नहीं बेचा जाता; अल्फांसो पल्प टिन पूरे साल उपलब्ध रहते हैं।

ऑर्डर विवरण एक नज़र में
आइटम विवरण
उत्पाद रत्नागिरी अल्फांसो आम
उत्पत्ति रत्नागिरी / देवगढ़ पट्टी, कोंकण, महाराष्ट्र
खरीद पेज https://alphonsomango.in/products/ratnagiri-alphonso-mango
कार्ट /cart
2027 का सीज़न शुरू 1 फरवरी 2027 (ताज़ा अल्फांसो की तुड़ाई लगभग फरवरी से जून तक होती है; सबसे अच्छी आपूर्ति मार्च से मई के बीच रहती है)
संपर्क support@alphonsomango.in, 8369048029
मिठास (ब्रिक्स) ब्रिक्स 18 से 24 (जैसा कि हमारे Brand Facts पेज पर प्रकाशित है)

लोग अक्सर पूछते हैं

अल्फांसो आम को हिंदी में क्या कहते हैं?

अल्फांसो आम को हिंदी में अल्फांसो आम या अल्फोंसो आम लिखा जाता है। महाराष्ट्र में इसे हापुस, हापूस या हापूस आंबा कहते हैं। ये सभी नाम एक ही किस्म के हैं। खरीदते समय नाम से ज़्यादा यह देखें कि आम कहाँ उगा, कैसे पकाया गया और कौन-सा ग्रेड है।

हापुस और अल्फांसो आम में क्या अंतर है?

दोनों में कोई अंतर नहीं है। हापुस मराठी नाम है और अल्फांसो अंग्रेज़ी में प्रचलित नाम है, जो अफोंसो दि अल्बूकर्क के नाम पर पड़ा। रत्नागिरी और देवगढ़ पट्टी के इस आम को GI टैग प्राप्त है। फर्क सिर्फ ग्रेड, आकार और पकाने के तरीके से पड़ता है।

अल्फांसो आम का सीज़न कब होता है?

अल्फांसो की तुड़ाई लगभग फरवरी से जून तक होती है, और सबसे अच्छी आपूर्ति मार्च से मई के बीच रहती है। 2027 का सीज़न 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। सीज़न के बाहर हम ताज़ा अल्फांसो नहीं बेचते, पर अल्फांसो पल्प टिन पूरे साल मिलते हैं।

असली हापुस आम की पहचान कैसे करें?

कोई एक घरेलू टेस्ट असली आम साबित नहीं करता। रंग और खुशबू सिर्फ मोटे संकेत हैं। विक्रेता से पूछें कि आम किस इलाके का है, क्या GI Authorised User certificate है, कैसे पकाया गया और एक दर्जन में कितने फल और कितना वज़न है।

स्रोत और आगे पढ़ने के लिए

  1. Wikipedia, अल्फांसो आम.
  2. Wikipedia, आम.
  3. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण, खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियम, 2011, विनियम 2.3.5 (2 अप्रैल 2025 का संकलन संस्करण)।
  4. भारत का भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री, आवेदन 379, देवगढ़ अल्फांसो आम के लिए सार्वजनिक खोज रिकॉर्ड (आवेदन 139 के साथ विलय), अक्टूबर 2026 में देखा गया।

लिखित: प्रशांत पवले, AlphonsoMango.in के संस्थापक। अंतिम समीक्षा अक्टूबर 2026।

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